पश्चिम मेदिनीपुर, 19 अगस्त । जिले में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। सबंग प्रखंड की सभी 13 ग्राम पंचायतें बाढ़ के पानी से प्रभावित हैं। केलेघाई और सुवर्णरेखा नदियों के जलस्तर में वृद्धि के कारण हजारों लोग प्रभावित हुए हैं। बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने और प्रभावित लोगों से मुलाकात करने के लिए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी गुरुवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे।
जिले के सबंग के अलावा नारायणगढ़, मोहनपुर, दांतन और केशियाड़ी के विभिन्न हिस्सों में भी बाढ़ की स्थिति बिगड़ती जा रही है। सबंग में अलग-अलग घटनाओं में दो लोगों की डूबने से मौत हो गई है। इनमें तीन वर्षीय एक बच्चा भी शामिल है।
मंगलवार को जिलाधिकारी बिजिन कृष्णा ने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की। इसके बाद प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है। प्रभावित क्षेत्रों में सूखा भोजन, पका हुआ भोजन, पेयजल और तिरपाल उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जिन इलाकों में सड़क संपर्क बाधित हो गया है, वहां लोगों तक आवश्यक सामग्री पहुंचाने के लिए नावों और ट्रैक्टरों को लगाया गया है।
इधर, झारखंड के बोकारो जिले में दामोदर नदी के ऊपरी हिस्से में स्थित तेनुघाट जलाशय से रातभर में पानी छोड़े जाने की मात्रा में भारी वृद्धि हुई है। दामोदर घाटी जलाशय नियमन समिति के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, तेनुघाट जलाशय से पानी छोड़ने की मात्रा सात हजार घनसेक से बढ़ाकर 30 हजार घनसेक कर दी गई है।
राज्य सिंचाई विभाग के दामोदर हेडवर्क्स के कार्यपालक अभियंता संजय मजूमदार ने बताया कि तेनुघाट से छोड़ा गया पानी लगभग 18 घंटे में पंचेत पहुंचेगा। इसके बाद पंचेत बांध से भी पानी छोड़ने की मात्रा में पर्याप्त वृद्धि करनी पड़ेगी। वर्तमान में पंचेत से लगभग 29 हजार घनसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
इस घटनाक्रम ने दामोदर के निचले क्षेत्रों में भी चिंता बढ़ा दी है। पूर्व बर्धमान, हुगली और हावड़ा जैसे जिलों पर इसका असर पड़ने की आशंका है। अधिकारियों के अनुसार, धीमी गति से आगे बढ़ रहे निम्न दबाव के कारण पिछले दो दिनों में पंचेत और मैथन के ऊपरी जलाशयों को कुछ राहत मिली थी, लेकिन ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में हुई भारी बारिश के कारण नदी का जलस्तर एक बार फिर बढ़ गया है।
दामोदर की सबसे बड़ी सहायक नदी बराकर का जलस्तर भी चिंता का कारण बना हुआ है। बुधवार दोपहर दामोदर घाटी जलाशय नियमन समिति के अधिकारियों के अनुसार बराकर नदी 456.03 फुट के स्तर पर बह रही थी। अधिकारियों ने इसे दुर्गापुर बैराज के लिए चिंताजनक स्थिति बताया है।
अधिकारियों का कहना है कि जलस्तर में किसी भी समय तेजी से बदलाव हो सकता है और इससे बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो सकती है। पश्चिम मेदिनीपुर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रख रहा है।




