काठमांडू । नेपाल विद्युत् प्राधिकरण के अनुसार इसी साल दिसंबर तक कई महत्वपूर्ण विद्युत प्रसारण लाइनें इस वर्ष संचालन में आने वाली हैं।
इनमें उच्च क्षमता वाली तीन नेपाल भारत अंतर्देशीय प्रसारण लाइनें भी शामिल हैं, जिनके आगामी दिसंबर तक संचालन में आने का दावा किया गया है। इनमें भारत सरकार के सहयोग से बन रहे मुजफ्फरपुर-ढल्केबर–हेटौंडा और न्यू बुटवल–गोरखपुर प्रसारण लाइनें रणनीतिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।
प्राधिकरण के कार्यकारी निदेशक दीर्घायु कुमार श्रेष्ठ के अनुसार निर्माणाधीन प्रसारण परियोजनाओं के पूरा होने से आवश्यकता के अनुसार बिजली को पूर्व से पश्चिम और पश्चिम से पूर्व तक प्रवाहित करने में मदद मिलेगी। वर्तमान में आंतरिक प्रसारण प्रणाली की क्षमता कमजोर होने के कारण मांग के अनुसार बिजली का पूर्व-पश्चिम प्रवाह संभव नहीं हो पा रहा है। नई प्रसारण लाइनों से घरेलू बिजली आपूर्ति के साथ-साथ बिजली निर्यात में भी सहयोग मिलने की उम्मीद है।
संचालन में आने वाली 132 केवी की सात प्रसारण लाइनें :-
कोहलपुर–दैलेख : 32 किलोमीटर लंबी इस प्रसारण लाइन को अक्टूबर, 2026 तक संचालन में लाने का लक्ष्य है। कुल 101 टावरों में से 80 की नींव तैयार हो चुकी है, जबकि 32 टावरों का निर्माण पूरा हो गया है। बाकी टावरों का निर्माण पूरा कर परियोजना को संचालन में लाने की तैयारी है।
कालीगंडकी–रिडी : 22.5 किलोमीटर लंबी इस प्रसारण लाइन के सभी 70 टावरों का निर्माण पूरा हो चुका है। इनमें से 8.55 किलोमीटर हिस्से में तार भी खींचा जा चुका है। इसे सितंबर के अंत तक संचालन में लाने की तैयारी है।
भुमही–हुकाई : 14.4 किलोमीटर लंबी इस प्रसारण लाइन में कुल 47 टावर बनाए जाएंगे। इनमें 22 टावरों की नींव तैयार हो चुकी है। प्राधिकरण ने दावा किया है कि शेष काम 11 महीने में पूरा कर इसे आगामी दिसंबर 2026 तक संचालन में लाया जाएगा।
अमरपुर–ढुंगेसाहु : 19.2 किलोमीटर लंबी इस प्रसारण लाइन को नवंबर में संचालन में लाने का लक्ष्य है। कुल 67 टावरों में से 62 की नींव तैयार हो चुकी है और 27 टावर पूरी तरह बन चुके हैं। अब बाकी टावरों का निर्माण और तार खींचने का काम किया जाएगा।
लालबंदी–सिमलपुर : 20 किलोमीटर लंबी इस प्रसारण लाइन का निर्माण पूरा हो चुका है। आवश्यक तैयारियां पूरी करने के बाद इसे चार्ज करने की तैयारी की जा रही है। प्राधिकरण के अनुसार इसके अक्टूबर तक संचालन में आने की संभावना है।
बलेफी–बाह्रबिसे : 20 किलोमीटर लंबी इस प्रसारण लाइन में 63 टावर होंगे। इनमें 59 टावरों की नींव तैयार हो चुकी है और 43 टावरों का निर्माण पूरी तरह पूरा हो गया है। शेष टावरों का निर्माण और तार खींचने के बाद इसे अगले वर्ष जून में संचालन में लाने का लक्ष्य है।
कुश्मा–न्यू मोदी : 12 किलोमीटर लंबी इस प्रसारण लाइन में 37 टावर बनाए जा रहे हैं। इनमें सात टावरों की नींव तैयार हो चुकी है। प्राधिकरण ने शेष अवधि में टावर निर्माण और तार खींचने का काम पूरा कर अगले वर्ष जुलाई तक इसे संचालन में लाने की योजना बनाई है।
इन प्रसारण परियोजनाओं के पूरा होने से नेपाल की आंतरिक विद्युत् प्रसारण प्रणाली मजबूत होने के साथ बिजली की विश्वसनीय आपूर्ति और पूर्व-पश्चिम विद्युत् प्रवाह को गति मिलने की उम्मीद है। साथ ही, अतिरिक्त बिजली को पड़ोसी देशों में निर्यात करने के लिए भी प्रसारण क्षमता बढ़ेगी।




