मालदा, 12 अगस्त (हि. स.)। जिले में करोड़ों रुपये की सहकारी समिति की जमीन कथित रूप से कम कीमत पर बेचने के आरोप को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। मामले में नोटिस मिलने के बाद रतुआ से तृणमूल कांग्रेस विधायक समर मुखर्जी बुधवार को चांचल थाने पहुंचे। थाने से बाहर निकलते समय भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) समर्थकों ने उन्हें घेरकर ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए और जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
जानकारी के अनुसार, चांचल स्थित सामसी को-ऑपरेटिव मार्केटिंग सोसाइटी की जमीन बिक्री में अनियमितता के आरोप लगे हैं। सोसाइटी के पदाधिकारियों का आरोप है कि वर्ष 2021 में स्पेशल ऑफिसर रहते हुए समर मुखर्जी ने अपने पद और राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर सोसाइटी की 13 कट्ठा जमीन बेच दी।
आरोप है कि करोड़ों रुपये बाजार मूल्य वाली इस जमीन को मात्र 21 लाख रुपये में बेच दिया गया।
शिकायत के मुताबिक, जमीन बिक्री की राशि करीब दो वर्षों तक सोसाइटी के बैंक खाते में जमा नहीं हुई। बाद में दिसंबर 2023 में रेजाउल आलम नामक व्यक्ति द्वारा आरटीजीएस के माध्यम से राशि जमा किए जाने के बाद मामला सामने आया। आरोप यह भी है कि पूरे मामले को छिपाने के लिए कोलकाता में रजिस्ट्री कराई गई थी।
बताया जा रहा है कि सहकारिता विभाग की जांच समिति की रिपोर्ट में भी तत्कालीन स्पेशल ऑफिसर के रूप में समर मुखर्जी की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं। भाजपा युवा मोर्चा के उत्तर मालदा जिला महासचिव प्रसेनजीत शर्मा ने आरोप लगाया कि सरकारी संपत्ति की लूट में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और विधायक की गिरफ्तारी की मांग की।
वहीं, विधायक समर मुखर्जी ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें जमीन बिक्री के बारे में कोई जानकारी नहीं है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपों की सत्यता की पड़ताल की जा रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार




