देहरादून, 25 अगस्त (हि.स.)। केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्री जीतन राम मांझी ने मंगलवार को उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में एमएसएमई गतिविधियों को बढ़ावा देकर स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर पैदा करने तथा पलायन रोकने पर जोर दिया।
केंद्रीय मंत्री मांझी ने देहरादून में खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी), कोयर बोर्ड और एमएसएमई मंत्रालय के अधिकारियों के साथ विभागीय कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को नियमित रूप से पर्वतीय क्षेत्रों का दौरा करने और स्थानीय लोगों से सीधे संवाद कर उन्हें एमएसएमई योजनाओं, प्रशिक्षण और स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी देने के निर्देश दिए।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों के कारण वहां बड़े उद्योग स्थापित करना चुनौतीपूर्ण है। ऐसे में एमएसएमई स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, रोजगार के अवसर पैदा करने और पलायन रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने स्थानीय संसाधनों, पारंपरिक उत्पादों तथा औषधीय महत्व वाले पौधों एवं उत्पादों की पहचान करने और उनके वैज्ञानिक प्रसंस्करण के जरिये मूल्यवर्धन तथा निर्यात की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए।
जीतन राम मांझी ने कहा कि स्थानीय संसाधनों पर आधारित नए उद्यम विकसित करने के साथ युवाओं को आवश्यक प्रशिक्षण देकर उद्यमिता से जोड़ना और उनके उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराना जरूरी है।
उन्होंने अधिकारियों को पर्वतीय क्षेत्रों में हर महीने कम से कम दो जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने तत्काल टिहरी गढ़वाल और पौड़ी गढ़वाल में ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने को कहा।
केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों से ऐसे क्षेत्रों की पहचान करने को कहा जहां एमएसएमई गतिविधियों के जरिये स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि मंत्रालय की योजनाओं का लाभ पहाड़ों के दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए अधिकारियों को कार्यालयों तक सीमित रहने के बजाय जमीनी स्तर पर सक्रिय होकर काम करना होगा।
जीतन राम मांझी ने अधिकारियों को कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि निर्धारित कार्यों को प्रभावी और समयबद्ध तरीके से पूरा करना अधिकारियों की जिम्मेदारी है ओर लापरवाही पाए जाने पर नियमानुसार प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय




