नई दिल्ली । कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने लोकसभा के मानसून सत्र के अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने के 10 दिन बाद भी सदन का सत्रावसान नहीं किए जाने पर सवाल उठाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि क्या केंद्रीय गृहमंत्री परिसीमन से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को विशेष सत्र में पारित कराने के लिए दो-तिहाई बहुमत जुटाने की कोशिश कर रहे हैं।
रमेश ने रविवार को एक्स पोस्ट में कहा कि आम तौर पर लोकसभा के अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने और उसके सत्रावसान के बीच दो से चार दिन का अंतर होता है। हालांकि, कई मौकों पर दोनों प्रक्रिया एक ही दिन हुई हैं।
उन्होंने कहा कि मौजूदा लोकसभा को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हुए 10 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक इसके सत्रावसान की कोई जानकारी नहीं है। रमेश ने इस देरी को असामान्य बताते हुए सरकार से इसके कारण स्पष्ट करने की मांग की।
कांग्रेस नेता ने कहा कि यह जरूर है कि 2015 में मानसून सत्र के स्थगन और सत्रावसान के बीच 28 दिन तथा 2021 में 20 दिन का अंतर रहा , लेकिन उन दोनों मौकों पर कोई ‘गंभीर साजिश’ नहीं चल रही थी।
रमेश ने कहा कि इस बार असामान्य देरी की वजह क्या है। उन्होंने आरोप लगाते हुए पूछा कि क्या केंद्रीय गृह मंत्री विशेष सत्र बुलाकर परिसीमन पर संविधान संशोधन विधेयक पारित कराने के लिए अभी भी दो-तिहाई बहुमत जुटाने की कोशिश में हैं।





