-पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मंदिर का ताला खोला गया
-भविष्य में सुविधाएं मुहैया कराने के लिए मंदिर प्रबंधन को दी चेतावनी
गुरुग्राम, 11 अगस्त (हि.स.)। मंगलवार को जिलाभर में वैसे तो शिवरात्रि पर्व धूमधाम से मनाया गया, लेकिन शहर के एक मंदिर में सुविधाएं नहीं होने से श्रद्धालु नाराज हो गए। श्रद्धालुओं ने इस नाराजगी में मंदिर पर ही ताला जड़ दिया। इस दौरान काफी श्रद्धालु मौजूद रहे और मंदिर प्रबंधन की कार्यशैली पर सवाल उठाते नजर आए।
कृष्णा कॉलोनी स्थित शिव मंदिर में मूलभूत सुविधाएं नहीं मिलने से नाराज कांवडिय़ों और श्रद्धालुओं ने मुख्य गेट पर ताला लगा दिया। कांवडिय़ों ने स्नान, शौचालय और पेयजल की व्यवस्था नहीं होने का आरोप लगाया। इसकी सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के समक्ष श्रद्धालुओं ने मंदिर में उचित सुविधाएं नहीं होने की शिकायत की। काफी देर तक बातचीत होती रही। पुलिस द्वारा समझाने के बाद ताला खोला गया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने शिवलिंग पर जलाभिषेक करके पूजा-अर्चना की। लोगों ने व्यवस्थाएं नहीं सुधरने पर दोबारा विरोध की चेतावनी दी।
वहीं शहर में शिवरात्रि पर्व पर सुबह से ही सभी छोटे-बड़े शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। हर-हर महादेव, बम-बम भोले और ओम नम: शिवाय के जयघोष से पूरा वातावरण गूंज उठा। इस वर्ष शिवरात्रि पर सुरक्षा, आस्था और प्रबंधन का एक अनोखा संगम देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने लंबी-लंबी कतारों में लगकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया और अपनी मनोकामनाएं मांगी। तडक़े चार बजे से ही मंदिरों के कपाट खुलते ही भक्तों की भीड़ जुटना शुरू हो गई थी। इसमें विशेष रूप से महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं में भारी उत्साह देखा गया। शहर के प्रमुख और ऐतिहासिक मंदिरों में पैर रखने तक की जगह नहीं थी।
माता शीतला माता मंदिर परिसर स्थित शिव मंदिर, प्राचीन सिद्धेश्वर मंदिर, गुफा वाले मंदिर, प्रेम मंदिर, और सेक्टर-4 स्थित शिव मंदिर में भक्तों की कतारें कई किलोमीटर लंबी नजर आईं। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव को अति प्रिय बेलपत्र, धतूरा, भांग, फल, फूल, और पंचामृत अर्पित कर विशेष पूजा-अर्चना की।
कांवडिय़ों ने चढ़ाई कांवड़ व किया जलाभिषेक
पिछले कई दिनों से कठिन पैदल यात्रा कर पहुंचे कांवडिय़ों ने स्थानीय शिवालयों में पहुंचकर अपनी कांवड़ चढ़ाई और भगवान शिव का पवित्र गंगाजल से अभिषेक किया। कांवडिय़ों का स्थानीय निवासियों और सामाजिक संस्थाओं ने जोरदार स्वागत किया। भीड़ और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस और प्रशासन ने बेहद कड़े इंतजाम किए थे। सभी मुख्य मंदिरों के आसपास पुलिस बल तैनात किया गया था। महिला पुलिसकर्मियों की भी विशेष ड्यूटियां लगाई गई थीं ताकि महिला श्रद्धालुओं को दर्शन करने में कोई असुविधा न हो। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए मंदिरों के एंट्री और एग्जिट गेट समेत पूरे परिसर को सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रखा गया था।
हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर
