हरिद्वार, 11 अगस्त (हि.स.)। कांवड़ मेला संपन्न होते ही हरिद्वार में आगामी कुंभ मेला-2027 की तैयारियों को युद्धस्तर पर आगे बढ़ाने की कवायद तेज हो गई है। मंगलवार को बारिश के बीच मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने मेला प्रशासन के अधिकारियों और विभिन्न निर्माण संस्थाओं के अभियंताओं के साथ कुंभ नगरी के प्रमुख घाटों, पार्किंग स्थलों, सड़कों और संपर्क मार्गों का पैदल निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न स्थानों पर चल रहे निर्माण एवं विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी कार्य पूरे करने के निर्देश दिए।
मेलाधिकारी ने कहा कि कुंभ की तैयारियों के लिए अब समय बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में सभी विभाग अपने कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर तेजी से पूरा करें और आपसी समन्वय के साथ नियमित निगरानी सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। किसी भी स्तर पर लापरवाही या हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विभाग अपने कार्यों की प्रगति की नियमित रिपोर्ट मेला प्रशासन को उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि सभी परियोजनाओं की प्रगति की निरंतर समीक्षा की जाएगी।
प्रमुख क्षेत्रों का पैदल निरीक्षण
मेलाधिकारी ने हर की पैड़ी, कांगड़ा घाट, सर्वानंद घाट, वीआईपी घाट, भीमगोड़ा, खड़खड़ी, पंतद्वीप, चमगादड़ टापू, लालजीवाला और रोड़ी बेलवाला क्षेत्र का पैदल भ्रमण किया। उन्होंने आगामी कुंभ में संभावित श्रद्धालुओं की संख्या और यातायात एवं आवागमन के दबाव को ध्यान में रखते हुए आवश्यक व्यवस्थाओं पर अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की। उन्होंने श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए उपयुक्त स्थानों पर पर्याप्त संख्या में साफ-सुथरे सार्वजनिक शौचालय स्थापित करने के निर्देश दिए। प्रमुख घाटों, पार्किंग स्थलों और श्रद्धालुओं की आवाजाही वाले क्षेत्रों में नियमित सफाई, सैनिटेशन और कूड़ा निस्तारण की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त एवं निर्बाध आपूर्ति के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते पूरी करने के निर्देश दिए।
भीड़ और यातायात प्रबंधन पर विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान मेलाधिकारी ने विभिन्न क्षेत्रों एवं मार्गों पर प्रस्तावित भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने पैदल मार्गों, प्रवेश एवं निकासी व्यवस्था, पार्किंग, यातायात संचालन और वैकल्पिक मार्गों को पहले से व्यवस्थित करने के निर्देश दिए। संभावित भीड़ वाले स्थानों पर सुरक्षा, प्रकाश, बैरिकेडिंग और यातायात प्रबंधन की व्यवस्थाएं समय रहते सुनिश्चित करने को कहा।
सूखी नदी पर निर्माणाधीन पुल का भी निरीक्षण
मेलाधिकारी ने सूखी नदी पर निर्माणाधीन पुल का निरीक्षण कर कांवड़ मेला संपन्न होने के बाद निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने पुल को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने के साथ ही इससे संबंधित सीवर लाइन शिफ्टिंग का कार्य भी अविलंब पूरा करने को कहा, ताकि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए। उन्होंने क्षेत्र में वाहन पार्किंग, आवागमन के मार्गों और पुलों की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया तथा कुंभ के दौरान संभावित यातायात दबाव के अनुरूप आवश्यक प्रबंध पहले से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
भीमगोड़ा में भूस्खलन की स्थिति का लिया जायजा
भीमगोड़ा क्षेत्र में काली मंदिर की पहाड़ी से होने वाले भूस्खलन की स्थिति का निरीक्षण करते हुए मेलाधिकारी ने संबंधित विभागों को प्रभावी सुरक्षात्मक उपाय करने के निर्देश दिए। उन्होंने संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता के आधार पर मजबूत करने को कहा।
हर की पैड़ी के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता
हर की पैड़ी और आसपास के क्षेत्रों में चल रहे एवं प्रस्तावित कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मेलाधिकारी ने घाटों के सुधार एवं मरम्मत, सुरक्षा, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता और सैनिटेशन को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर की पैड़ी देश-दुनिया के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां होने वाला प्रत्येक कार्य श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुगमता के साथ-साथ क्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक गरिमा को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। निरीक्षण के दौरान अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता डीपी सिंह, टेक्निकल सेल के अधिशासी अभियंता प्रवीण कुमार, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता अनुभव नौटियाल सहित मेला प्रशासन और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला





